धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में अंतरिक्ष समूह निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; अदालत में हाजिर होने का निर्देश

अंतरिक्ष  रीयलटेक प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशक, राकेश यादव, राजबीर सिंह गोयत और मगन चंद जैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गयी है और तीनो आरोपितों को 03.01.2019 को  एसीजेएम, जिला अदालत गाजियाबाद में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
"राकेश यादव, सीएमडी, अंतरिक्ष ग्रुप"
 उनके खिलाफ चार्जशीटआईपीसी धारा 406 और 420 के तहत  एनएच -24, इंदिरापुरम, गाजियाबाद में स्थित अंतरिक्ष संस्कृती नामक परियोजना के आवासीय फ्लैटों को अवैध रूप से बेचकर फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी करने के लिए दायर की गयी है।  
 गौरतलब है कि इस परियोजना में 2010-11 में फ्लैट बुक करने वाले 1200 से अधिक घर ख़रीदार  गंभीर मानसिक संताप और वित्तीय कठिनाई से गुज़र रहे हैं। जब उन्होंने फ्लैट बुक किए थे तो अंतरिक्ष ग्रुप ने खुलासा नहीं किया कि परियोजना की भूमि पर उसका स्वामित्व नहीं है। बिल्डर-खरीदार समझौते के अनुसार, वर्ष 2014 में फ्लैटों का कब्जा दिया जाना था। घर के खरीदारों ने फ्लैटों के कुल मूल्य का लगभग 90-95% भुगतान कर दिया है। किन्तु परियोजना को 42 करोड़ रुपये के कंपाउंडिंग शुल्क के भुगतान नहीं किये जाने के कारण 23 मार्च, 2018 से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा सील कर दिया गया है। 

अंतरिक्ष ग्रुप ने परियोजना की वास्तविक जानकारीा छिपा कर, जमीन  के स्वामित्व के बिना फ्लैट बुक कर, आठ साल के बाद भी निर्माण पूरा नहीं कर बिल्डर-खरीदार समझौते का स्पष्ट  उल्लंघन किया है।
यह हजारों खरीदारों की आजीवन बचत का दुरुपयोग है। बिल्डर ने देरी के लिए भी कोई मुआवजा देने से इनकार कर दिया है, भले ही खरीदारों को किराए के साथ-साथ गृह ऋण की ईएमआई का भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे उन्हें  गंभीर वित्तीय संकट और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़  रहा  है
बिल्डऱ  ने यूपी-रेरा वेबसाइट पर इस परियोजना की समाप्ति अवधि को धोखाधड़ी से चरणबद्ध तरीके से बताया है:
फेज -१: UPRERAPRJ10818 ( 23.04.2011 से 23.04.2019)
फेज-२: UPRERAPRJ10928 (23.01.2014 से 23.01.2022)
फेज -३: UPRERAPRJ11055 (01.01.२015 से 01.01.2023)
उपरोक्त सभी विवरण बिल्डर -खरीदार समझौते के अनुसार  2014 में  प्रोजेक्ट हैंडओवर के वायदे का स्पष्ट  उल्लंघन है।

Comments

  1. Big cheater Rakesh Yadav... but still gda or govt is not helping buyers...

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  2. Very true. We all buyers are going through this traumatic situation. Feeling helpless

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